तंत्रकुलज्योतिषं ने विवाह हेतु कुण्डली मिलान एवं विवाह दिन वार एवं मुहूर्त निर्धारण हेतु विधान किया है क्योंकि विवाह मुहूर्त का निर्धारण जटिल विधा है केवल विवाह योग्य दिवस जो हमें पंचांगों में मिलते हैं वे वर कन्या के अनुकूल हैं या नहीं, उनमें वर कन्या के अनुकूल मुहूर्त है यहा नहीं इसका निर्धारण नहीं होता, त्रिबल, लत्ता आदि शोधन उनमें नहीं हो पाता क्योंकि कुछ में जातक के जन्मपत्र के अनुसार ही निर्धारण हो पाता है।
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